पाकिस्तान का जन्म एक धार्मिक उन्माद तथा अनेक वर्षो से शासन करते आ रहे आक्रमणकारियों की सन्तानो की शासकीय सोच का नतीजा था और वहीं सोच आज पाकिस्तान को टुकड़े करने पर आमदा है | अब चाहे लाख कोशिश कर ली जाय पाकिस्तान को टुकड़े होने से बचाया नहीं जा सकता है | पाकिस्तान का हर टुटपुँजिया जिसके पास सौ पचास गुंडे हैं सोचता है कि भारत फतह कर लेँगे | अरे मूर्खो भारत ने अब गद्दारों को पालना बंद कर दिया है | और अब माँ भारती के सपूतो ने तुम जैसो को मुँह लगाना बंद कर दिया है | अचछा होगा की तुम आपने लायक कोई बराबरी का ढूंढ़ लो नहीं तो अगर गलती से भी भारत से टकरा गए तो माफ़ी मांगने और अफ़सोस करने का भी समय नहीं मिलेगा |
क्या होगा पाकिस्तान का ______